हेलो दोस्तों मैं शहज़ादी हूं, आज मैं एक नई सेक्स स्टोरी लेकर आ गई हूं जिसका नाम है “1-1 करके चोदा फिर साथ साथ चोदा-hindi group sex story” यह कहानी रितिक की है आगे की कहानी आपको रितिक बताएँगे मुझे यकीन है कि आप सभी को यह पसंद आएगी।
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम रितिक है। उम्र 29 साल, लम्बा कद, तगड़ा बदन और मेरा मोटा काला लंड किसी की भी चूत को भोसड़ा बना सकता है।(hindi group sex story)
मेरी बैंगलोर में अच्छी नौकरी है और 3 साल पहले मेरी शादी कविता से हुई थी।
कविता 26 साल की थी- गोरी, बड़े चूचे और मटकती हुई गांड जो मुझे हर रात सेक्स के लिए तरसती थी। पिछले हफ़्ते मैं अपने ससुराल गया था, जहाँ मेरी साली सोनिया और सास उषा रहती थीं।
सोनिया 20 साल की थी- पतली, छोटे टाइट चूचे वाली कुंवारी लड़की जिसकी गांड भी टाइट थी।
सास 48 साल की थी- बड़े चूचे और भारी मोटी गांड वाली औरत, जो अभी भी चोदने लायक थी। ससुर का देहांत हो चुका था।
एक रात ससुराल में मुझे ऐसा मौका मिला कि मैंने साली, सास और बीवी तीनों की चूत और गांड चोदी।
पहले दिन ससुराल पहुँचते ही कविता मुझे अपने कमरे में ले गई. उसने कहा, “रितिक , आज रात मुझे चोदो. मैं अपने मायके में मौज-मस्ती करना चाहती हूँ.(hindi group sex story)
” मैं हँसा, “कविता , मैं तुम्हारी चूत को चोदकर उसका भोसड़ा बना दूँगा.” उसने अपनी साड़ी उतार दी. उसके बड़े-बड़े चूचे मेरे सामने थे. मैंने कहा, “कविता , तुम्हारे चूचे बहुत शानदार हैं.
” वो कराह उठी, “उफ़… रितिक … इन्हें चूसो… मेरे चूचे चूसो…” मैंने उसके big boobs अपने मुँह में ले लिए. “आह्ह… कविता … तुम्हारे चूचे कमाल के हैं… उफ़…” मैं चूस रहा था,
और वो कराह रही थी, “आह्ह… रितिक … इन्हें ज़ोर से चूसो… मेरे चूचो को काटो… ओह्ह…” मैंने उसकी साड़ी पूरी तरह उतार दी.
उसकी चूत मेरे सामने थी—गीली और चुदाई के लिए तैयार. मैंने कहा, “कविता , मैं तुम्हारी चूत चाटूँगा.” वो बोली, “चाटो, रितिक … मेरी चूत चूसो…” मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर रख दी.(hindi group sex story)
“आह्ह… रितिक … मेरी चूत में क्या डाल रहे हो… ओह्ह…” वो कराह रही थी। मैंने कहा, “कविता , तुम्हारी चूत का रस बहुत बढ़िया है।
” मैं उसकी चूत चूस रहा था और वो चिल्ला रही थी, “उफ्फ़… रितिक … चाटो इसे… फाड़ दो मेरी चूत… आह्ह…” उसकी मोटी गांड हिल रही थी।
मैंने अपनी पैंट उतार दी। मेरा mota land उसके सामने था। वो बोली, “रितिक , तुम्हारा लंड बहुत मोटा है…”
मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया। वो बोली, “रितिक , अपना लंड मेरी चूत में डालो…” मैंने कहा, “कविता , मैं तुम्हारी चूत चोदूँगा।
” मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ा और एक धक्का दिया। “आह्ह… रितिक … मेरी चूत फट गई… उफ्फ़…” वो कराह रही थी।(hindi group sex story)
मैंने उसे जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया। “थप-थप-थप” की आवाज़ गूंज रही थी।
मैंने कहा, “कविता , तुम्हारी चूत बहुत बढ़िया है…” वो चिल्लाई, “आह्ह… रितिक … चोदो मुझे… फाड़ दो मेरी चूत… ओह्ह…” मैंने अपनी उंगली उसकी गांड में डाल दी।
वो बोली, “उफ्फ़… रितिक … मेरी गांड भी चोदो…” मैंने उसे टट्टू की तरह खड़ा किया और अपना लंड उसकी गांड में डाल दिया।
“आह्ह… मैं मर गई… रितिक … मेरी गांड फट गई… ओह्ह…” वो कराह रही थी। मैंने कहा, “कविता , मैं तुम्हारी गांड का गंडासा बना दूँगा…” उस रात मैंने उसे चोदा और उसे थका दिया।(hindi group sex story)
अगले दिन सुबह हो चुकी थी। होली की तैयारियाँ चल रही थी। कविता रसोई में थी और मैं आँगन में लेटा हुआ था। मेरी साली सोनिया वहाँ आई।
उसने टाइट कुर्ती और लहंगा पहना हुआ था। उसके छोटे-छोटे टाइट चूचे साफ दिख रहे थे। बोली, “जीजाजी, रंग लगा रहे हो?” मैंने हँसते हुए कहा, “सोनिया , मैं पहले तुम्हें रंग दूँगा।
” वो सिहर उठी, “उफ्फ़…जीजाजी…क्या कह रहे हो…” मैं उसके पास गया और बोला, “सोनिया , तुम्हारी कुंवारी चूत और छोटे-छोटे चूचे देखकर मेरा लंड तड़प रहा है।
” वो बोली, “आह्ह…जीजाजी…मैं तुम्हारी साली हूँ…” मैंने उसकी कुर्ती पर हाथ रखा और कहा, “तो क्या हुआ अगर तुम साली हो, मैं तुम्हारी चूत चोदूँगा।
” मैंने उसकी कुर्ती खींची। उसके छोटे-छोटे चूचे मेरे सामने थे। मैंने कहा, “सोनिया , तुम्हारे चूचे बहुत सेक्सी हैं।” वो कराह उठी, “उफ्फ़… जीजा… मत करो…” मैंने उसका चूचा अपने मुँह में ले लिया।
“आह्ह… सोनिया … मुझे तुम्हारे l चूसने में मज़ा आ रहा है… उफ्फ़…” वो कराह रही थी, “आह्ह… जीजा… धीरे चूसो… ओह्ह…” मैंने उसकी सलवार नीचे खींच दी।(hindi group sex story)
उसकी कुंवारी चूत मेरे सामने थी—गुलाबी और कसी हुई। मैंने कहा, “सोनिया , मैं तुम्हारी चूत चाटूँगा।
” वो बोली, “उफ्फ़… जीजा… मेरी चूत कुंवारी है…” मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर रख दिया। “आह्ह… जीजा…ओह्ह…” वो कराह रही थी।
मैंने कहा, “सोनिया , तुम्हारी चूत का माल बहुत सेक्सी है।” मैं चूस रहा था, और वो चिल्ला रही थी, “आह्ह… जीजा… चाटो इसे… मेरी चूत चूसो… उफ्फ़…” मैंने अपनी पैंट उतार दी।
मेरा मोटा लंड उसके सामने था। वो डर गई, “उफ्फ़… जीजा… आपका लंड बहुत बड़ा है…” मैंने कहा, “सोनिया , चूस इसे…” उसने मेरा लंड मुँह में ले लिया और मुझे blowjob देने लगी।
“उम्म्म्म… जीजा… बहुत मोटा है… उफ्फ़…” वो चूस रही थी और मैं बोला, “आह्ह… सोनिया … जोर से चूस… मेरा लंड चाट… ओह्ह…” मैंने उसे लिटाया और अपना लंड उसकी चूत पे रगड़ने लगा।(hindi group sex story)
वो बोली, “जीजा… धीरे… मेरी चूत फट जाएगी…” मैंने एक धक्का मारा। “आह्ह… मैं मर गई… जीजा… मेरी चूत फट गई… उफ्फ़…” वो चीख पड़ी।
मेरा लंड उसकी virgin chut की सील तोड़ता हुआ अंदर घुस गया था।
मैंने चोदना शुरू किया, “सोनिया , तेरी चूत का की गुफा बना दूंगा…” वो कराह रही थी, “आह्ह… जीजा… चोद मुझे… फाड़ दे मेरी चूत… ओह्ह…” तीसरे दिन शाम हो चुकी थी।
कविता और सोनिया बाहर गई हुई थीं। सास उषा घर पर थी। उसने ढीली साड़ी पहनी हुई थी और उसके बड़े चूचे लटक रहे थे। मैं उनके पास गया।(hindi group sex story)
उसने कहा, “रितिक , आज तुम थक गए होगे?” मैंने हँसते हुए कहा, “सासू माँ, तुम्हारे चूचे देखकर मैं अपनी थकान भूल गया।
” वह काँप उठी, “उफ़… रितिक … तुम क्या कह रहे हो…” मैंने कहा, “सासू माँ, मैं तुम्हारी चूत चोदना चाहता हूँ।” उसने कहा, “रितिक … मैं बूढ़ी हो गई हूँ…” मैंने उसका पल्लू खींचा।
उसके ढीले चूचे मेरे सामने थे। मैंने कहा, “सासू माँ, तुम्हारे चूचे अभी भी कमाल के हैं।” वह कराह उठी, “उफ़… रितिक … इन्हें चूसो… मेरे चूचे चूसो…”
मैंने उनके चूचे अपने मुँह में ले लिए। “आह्ह्ह… सासू माँ… आपके चूचे बहुत बढ़िया हैं… उफ़…” वो कराह रही थी, “आह्ह्ह… रितिक … इन्हें ज़ोर से चूसो… ओह्ह्ह…” मैंने उसकी साड़ी उतार दी।
उसकी चूत मेरे सामने थी- ढीली, पर गीली। मैंने कहा, “सासू माँ, मैं आपकी चूत चाटूँगा।
” वो बोली, “चाटो रितिक … मेरी चूत चूसो…” मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर रख दिया। “आह्ह्ह… रितिक … ओह्ह्ह…” वो कराह रही थी।
मैंने कहा, “सासू माँ, आपकी चूत का माल बहुत बढ़िया है…” मैं चूस रहा था, और वो चिल्ला रही थी, “उफ़… रितिक … मेरी चूत फाड़ दो… आह्ह्ह…”(hindi group sex story)
मैंने उसे लिटा दिया। मैंने कहा, “सासू माँ, मैं आपकी चूत चोदूँगा।” वो बोली, “मुझे चोदो रितिक … मेरी चूत को तबेला बना दो…” मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया।
“आह्ह्ह… रितिक … मेरी चूत फट गई… उफ्फ़…” वो कराह रही थी। मैंने चोदना शुरू किया। “थप-थप-थप” की आवाज़ गूंज रही थी।
मैंने कहा, “सासू माँ, तुम्हारी चूत तो अभी भी कमाल की है…” वो चिल्लाई, “आह्ह्ह… रितिक … मेरी गांड भी चोदो…” मैंने अपना लंड उसकी moti gand में डाल दिया।
“आह्ह्ह… मैं मर गई… रितिक … मेरी गांड फट गई… ओह्ह्ह…” मैंने कहा, “सासू माँ, मैं तुम्हारी गांड को चूत तबेला बना दूँगा…” उस रात अपनी सास को चोदकर मैं संतुष्ट हो गया।
होली की रात थी। चारों तरफ रंगों की मस्ती थी। कविता , सोनिया और सास- तीनों ने साड़ी पहनी हुई थी। मैंने सबको भांग पिलाई।
कविता बोली, “रितिक , आज हमें चोदो।” सोनिया कराह उठी, “जीजा जी, मेरी कुंवारी चूत को फिर से चोदो…” सास बोली, “रितिक , मेरी चूत भी तैयार है…” मैंने तीनों को बिस्तर पर लिटा दिया।
मैंने कहा, “आज मैं तुम तीनों की चूत और गांड चोदूँगा।” मैंने अपना लंड कविता की चूत में डाला।
“आह्ह्ह… रितिक … चोदो मुझे… ओह्ह…” फिर सोनिया की चूत में।
“आह्ह… देवर जी… फाड़ दो मेरी चूत को… उफ्फ़…” फिर सास की चूत में।
“आह्ह… रितिक … मेरी चूत को भोसड़ा बना दो… ओह्ह…” मैं तीनों को एक-एक करके चोद रहा था। फिर मैंने तीनों की गांड मारी। उन्हें रंगों से चोदने का मज़ा कमाल का था।
कोई किसी की चूत चाट रही है कोई मेरा लंड चूस रही है सब एक दूसरे के ऊपर झड़ रहे है|
चुदाई करते करते हम तीनो साथ में झड़ गए|(hindi group sex story)
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