sasur xxx story

हेलो दोस्तों मैं शहज़ादी हूं, आज मैं एक नई सेक्स स्टोरी लेकर आ गई हूं जिसका नाम है “पति को छोड़ ससुर संग चुदाईया-sasur xxx story” यह कहानी अंजलि की है आगे की कहानी आपको अंजलि बताएंगी मुझे यकीन है कि आप सभी को यह पसंद आएगी।

मेरा नाम अंजलि है। मैं 26 साल की गोरी, जवान और सुडौल महिला हूँ।(sasur xxx story)

मेरे चूचे बड़े, गोल और रसीले हैं, जैसे दो पके तरबूज हों, जो हमेशा मेरी साड़ी या नाइटी से बाहर निकले रहते हैं। मेरे निप्पल सख्त और गुलाबी हैं, जो कपड़ों के ऊपर से थोड़े से दिखाई देते हैं।

मेरी कमर पतली है और मेरी गांड मोटी, मुलायम और गोल है, जो चलते समय मटकती है और मर्दों की नज़र उस पर रुक जाती है। मेरी जांघें मोटी और चिकनी हैं, जैसे मलाई का ढेर हो और मेरी चूत की गर्मी मेरे चेहरे की चमक में झलकती है। मैं अपने ससुराल वालों के साथ रांची के एक मध्यमवर्गीय इलाके में अपने पति अतुल और ससुर ध्यानचंद जी के साथ रहती थी। लेकिन आज मैं अपने पति को छोड़कर अपने ससुर की बाहों में हूँ।(sasur xxx story)

मैं अपने पति अतुल से तंग आ चुकी थी। अतुल 28 साल का गोरा और एक साधारण आदमी था। उसका लंड छोटा और कमज़ोर था और वो मुझे बिस्तर पर कभी संतुष्ट नहीं कर पाता था. हर रात वो अपना लंड मेरी चूत में डालता, दो मिनट में झड़ जाता और सो जाता. “अंजलि , सो जा,” वो कहता और मुझे अधूरा छोड़ देता.

मेरी चूत की आग बुझती ही नहीं. मैं अपनी उंगलियों से खुद को शांत कर लेती, पर वो मज़ा कहाँ जो एक मोटे, सख्त लंड से आता है? मैं अक्सर अतुल से कहती, “अतुल , मुझे पूरा मज़ा दो,” पर वो हंस कर टाल देता. “अंजलि , मैं थक जाता हूँ,” वो कहता. मेरी जवानी बर्बाद हो रही थी.

पर मेरे ससुर ध्यानचंद जी अलग थे. वो 55 साल के गोरे, मजबूत और ताकतवर थे. उनकी चौड़ी छाती और मोटी भुजाएँ अभी भी जवान लगती थीं. उनकी आँखों में एक भूख थी, जो हमेशा मुझे देखती रहती थी. जब मैं साड़ी पहन कर घर में घूमती तो उनका ध्यान मेरे चूचो और गांड पर होता. “अंजलि , बहू, तुम बहुत खूबसूरत हो,” वो अक्सर कहते.(sasur xxx story)

मैं शरमा जाती, पर उनके शब्द मेरी चूत को गीला कर देते. एक दिन मैं रसोई में थी। मेरी साड़ी का पल्लू खिसक गया और ब्लाउज में मेरे चूचे उभर आए। ध्यानचंद जी पीछे से आए। “अंजलि , तुम क्या पका रही हो?” उन्होंने पूछा और मेरा कंधा पकड़ लिया।

उनकी उंगलियाँ मेरी गर्दन पर फिसलने लगीं। “आह… ससुर जी…” मैं सिसक उठी। “अंजलि , तुम्हारी चमक देखकर मेरा दिल धड़क रहा है,” उन्होंने कहा और चले गए। उस दिन से मेरी चूत उनके ख्यालों में डूब गई।

फिर एक दिन रांची में ठंड अपने चरम पर थी। मैंने लाल रंग की नाइटी पहनी हुई थी, जो मेरे शरीर से चिपकी हुई थी। नाइटी में मेरे चूचे उभरे हुए थे और मेरे निप्पल सख्त थे। मैं अतुल के साथ बिस्तर पर थी। “अतुल , आज मेरे साथ प्यार करो,” मैंने कहा।

उसने मेरी नाइटी उठाई और अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया। दो मिनट में ही वह झड़ गया। “अंजलि , अब सो जाओ,” उसने कहा और पलट गया। मेरी चूत गीली और भूखी थी। मैं गुस्से में उठ गई। “अतुल , तुम मर्द नहीं हो। मैं तुम्हें छोड़ रही हूँ,” मैंने चिल्लाते हुए कहा। वह हँसा। “जहाँ जाना है जाओ,” उसने कहा। मैं रोते हुए कमरे से बाहर आ गई।(sasur xxx story)

ध्यानचंद जी हॉल में बैठे थे। “अंजलि , क्या हुआ?” उन्होंने पूछा। मैंने उन्हें सारी बात बताई। “ससुर जी, अतुल मुझे खुश नहीं रख सकता,” मैंने रोते हुए कहा। वह मेरे पास आये और मुझे गले लगा लिया। उनका सीना गर्म था। “अंजलि , मैं तुम्हें खुश रखूँगा,” उन्होंने कहा और मेरे गाल को सहलाया।

उनकी उंगलियाँ मेरे होठों पर चली गईं। “ससुरजी, यह गलत है,” मैंने कहा। “अंजलि , कुछ भी गलत नहीं है। तुम मेरे लिए बहू से बढ़कर हो,” उन्होंने कहा और मुझे चूमा। उनके होंठ मेरे होठों पर थे, और उनकी जीभ मेरे मुँह में थी। मेरी चूत गीली हो गई।

उस रात मैं उनके कमरे में गई। मैंने नाइटी पहनी हुई थी, और अंदर कुछ नहीं पहना था। “ससुरजी, मेरा ख्याल रखना,” मैंने कहा। उन्होंने मुझे बिस्तर पर खींच लिया। “अंजलि , मैं तुम्हारी चूत की प्यास बुझा दूँगा,” उन्होंने कहा और मेरी नाइटी उतार दी।(sasur xxx story)

मेरे चूचे नंगे थे। मेरे निप्पल सख्त थे। “अंजलि , तुम्हारे big boobs बहुत बढ़िया हैं,” उसने कहा और एक चुचा अपने मुँह में ले लिया। उसकी जीभ मेरे निप्पल पर फिसल गई। “आह… ससुरजी… चूसो… आह…” मैं कराह रही थी। उसका दूसरा हाथ मेरे दूसरे चूचे को दबा रहा था। मेरे चूचे लाल हो गए।

उसने मेरी टाँगें फैला दीं। मेरी चूत नंगी थी। मेरी जघन के हल्के बाल गीले थे। “अंजलि , तुम्हारी चूत बहुत अच्छी है,” उसने कहा और मेरी pussy में अपनी उंगली डाल दी। “आह… ससुर जी… और अंदर डालो,” मैं चिल्लाई।

उनकी उंगली मेरी चूत को चोद रही थी। फिर उन्होंने अपनी लुंगी उतार दी। उनका 7 इंच का mota land था और काला था। लंड का टोपा गीला था। “ससुर जी, यह बहुत बड़ा है,” मैंने डरते हुए कहा। “अंजलि , यह तुम्हारी चूत के लिए है,” उन्होंने कहा और अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ा।(sasur xxx story)

“आह… अंदर डालो,” मैं पीड़ा में तड़प रही थी। उन्होंने एक धक्का दिया। उनका लंड मेरी चूत में पूरा घुस गया। “आह… ससुर जी… यह फट गई है… आह्ह…” मैं चिल्लाई। उनका लंड मेरी चूत को फाड़ रहा था। उन्होंने मेरे चूचो को दबाते हुए मुझे चोदना शुरू कर दिया। “अंजलि , तुम्हारी चूत बहुत टाइट है(sasur xxx story)

उन्होंने मुझे 1 घंटे तक चोदा। “अंजलि , अब मैं तुम्हारी गांड चोदूंगा,” उन्होंने कहा। उन्होंने मुझे पलट दिया। मेरी गांड गोल और मुलायम थी। उन्होंने मेरी tight gand पर थूका। “ससुर जी, धीरे से,” मैंने कहा। उन्होंने अपनी उंगली मेरी गांड में डाल दी।

“आह…ससुर जी…” मैं सिसक उठी। फिर उन्होंने अपना लंड मेरी गांड में डाल दिया। “आह…यह फट गई है…आह…” मैं चिल्लाई। “अंजलि , तुम्हारी गांड बहुत बढ़िया है,” उसने कहा और मेरी गांड चोदना शुरू कर दिया।

उसकी उंगलियां मेरी चूत में थीं। और लंड मेरी गांड में “ससुर जी, मेरी चूत भी चोदो,” मैंने कहा। उसने मुझे पलट दिया और अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया। “अंजलि , मैं तुम्हारी चूत में माल झाडूंगा  ,” उन्होंने कहा। उन्होंने मुझे चोदा और मेरी चूत में माल झाड़ दिया। उनका गर्म माल मेरी चूत से बह रहा था।

उस रात उन्होंने मुझे 5 बार चोदा। कभी मेरी चूत, कभी मेरी गांड, कभी मेरे मुँह में। “अंजलि , तू मेरी रंडी है,” उन्होंने कहा। मैं उनकी चुदाई की दीवानी हो गई।(sasur xxx story)

अगले दिन मैंने अतुल को तलाकनामा  दे दिया। “अतुल , मैं तुम्हारे साथ नहीं रह सकती,” मैंने कहा। वो चला गया। मैं ससुर के साथ रहने लगी। हर रात वो मुझे चोदते। कभी बिस्तर पर, कभी बाथरूम में। एक दिन मेरी चूत शॉवर के नीचे गीली थी। “ससुर जी, फाड़ दो इसे,” मैं चिल्लाई। उन्होंने मेरी गांड और चूत दोनों चोदी। “अंजलि , तू मेरी जवानी है,” वो कहते। मैं उनकी बाहों में खो गई। अब सिर्फ़ ससुर ही मेरी चूत की प्यास बुझाते हैं।(sasur xxx story)

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