sister hardcore chudai

हेलो दोस्तों मैं शहज़ादी हूं, आज मैं एक नई सेक्स स्टोरी लेकर आ गई हूं जिसका नाम है “चचेरी बहन की ताबड़तोड़ चुदाई–sister hardcore chudai” यह कहानी रितेश की है आगे की कहानी आपको रितेश बताएँगे मुझे यकीन है कि आप सभी को यह पसंद आएगी।

मेरा नाम रितेश है मैं एक साधारण परिवार का लड़का हूँ, मेरी उम्र 21 साल है। मैं बाहर कमरा किराए पर लेकर पढ़ाई करता था।

यह घटना मेरे साथ 3 साल पहले हुई थी।

यह सेक्स स्टोरी उस समय की है जब मैं कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र था। उस समय जवानी का जोश चरम पर था… अभी भी है।

मेरी एक चचेरी बहन है, वो बहुत सेक्सी दिखती है। उसकी उम्र करीब 33 साल थी।(sister hardcore chudai)

बहन हाइट में थोड़ी छोटी थी, लेकिन मैं उनके गोरे बदन का दीवाना था। उनके चूचे ऐसे थे कि मेरा मन करता था कि अभी उन्हें बाहर निकाल कर चूस लूँ।

लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सका।

मुझे एक बार उनके चूचो को नग्न देखने का मौका मिला, जब वो आंगन में नहा रही थी और मैं गलती से आंगन में पहुँच गया।

जब मैंने वहाँ उनके बड़े और गोल चूचे देखे, तो मैं एकदम से मदहोश हो गया। बहन के चूचो के निप्पल काले थे और काले अंगूर की तरह तने हुए थे।

दीदी का घेरा काफी गोल था।

तब से मुझे उनके चूचे चूसने का मन करने लगा।

यह वह समय था जब मैं गर्मी की छुट्टियों में दीदी के घर गया था।(sister hardcore chudai)

उसका पति काम के लिए शहर से बाहर गया हुआ था और उसका दो साल का बेटा अपनी मौसी के घर गया हुआ था।

चूँकि उसे पता था कि मैं आ रहा हूँ, इसलिए दीदी मेरा इंतज़ार कर रही थी।

दीदी शायद चाहती थी कि मैं उनके पास जाऊँ और उसे शॉपिंग करवाऊँ, घुमाऊँ।

जब मैं दीदी के घर पहुँचा, तो दीदी ने मेरे लिए नाश्ते और पानी का इंतज़ाम किया और थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझे अपने साथ बाज़ार चलने को कहा।

मैं मान गया और दीदी को अपने साथ बाज़ार ले गया और उन्हें घुमाया और शॉपिंग करवाई।

अगले दिन उन्होंने मुझे नहाने के लिए वाटर पार्क चलने को कहा।

तो मैंने जाने से मना कर दिया।

लेकिन वह नहीं मानी तो मैं उन्हें वहाँ ले गया।

जब वह नहाने गई और स्विमिंग सूट पहना, तो वह कमाल की लग रही थी।

उनकी moti gand बहुत सेक्सी थी और पूरी तरह से उभरी हुई थी।

हम दोनों वाटर पार्क में नहाने लगे।

नहाते समय मेरा हाथ गलती से उनकी गांड से छू गया। लेकिन उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं की।

मुझे लगा कि दीदी पर कोई असर नहीं हुआ।

मैंने उनके शरीर को एक-दो बार और छुआ, कई बार उनकी गांड को दबाया, लेकिन दीदी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं की।

हम दोनों पानी में एक-दूसरे के साथ मस्ती करते रहे।

हम करीब एक घंटे तक नहाते रहे।

आखिरकार मैंने कोशिश की और जाते समय मैंने उनकी गांड में उंगली की।

मैं सोच रहा था कि अब या तो दीदी मुझसे नाराज़ हो जाएँगी या फिर कोई इशारा करेंगी।

लेकिन दीदी ने कुछ नहीं कहा।

फिर हम दोनों बाइक पर वापस घर आ गए।(sister hardcore chudai)

मैंने बाइक पर कई बार मुठ्ठी मारी और अपनी पीठ पर उनके चूचो को रगड़वाया भी… लेकिन दीदी ने तब भी कुछ नहीं कहा।

हालांकि, मुझे लगा कि प्रतिक्रिया करने के बजाय, वह मेरी पीठ पर अपने चूचो को रगड़ने का थोड़ा और आनंद ले रही थीं।
इसका मतलब साफ था कि दीदी को भी अपने चूचो को मसलवाने में मजा आ रहा था।

हम घर आ गए।

चूंकि हम दोनों आज खूब घूमे-फिरे थे और नहाते हुए खूब मस्ती की थी, इसलिए हम काफी थके हुए थे।

इसलिए हमने शाम के लिए होटल से खाना मंगवाने का फैसला किया था।

मैं आते ही बिस्तर पर लेट गया। दीदी भी मेरे पास लेट गई।

जल्दी ही हम दोनों सो गए।

शाम को 7 बजे मेरी नींद खुली, तो मैंने होटल से खाना मंगवाया।

आधे घंटे बाद खाना आया और हम दोनों ने खाया।

अब दीदी के पास कोई काम नहीं था, तो हम दोनों टीवी देखने लगे।

रात हुई तो दीदी सोने की तैयारी करने लगीं।

बिस्तर पर लेटते हुए दीदी बोली- यार…आज मैं बहुत थक गई हूँ…क्या तुम मेरे शरीर की मालिश कर दोगे, अगर तुम्हारा मन करे तो कर दो।

मैं पहले तो चुप रहा, लेकिन बाद में मैंने हाँ कर दिया।

दीदी नाइटी पहन कर लेटी हुई थी।

मेरे हाँ कहने पर वो पेट के बल लेट गई।

मुझे पहले से ही उनके चूचे और गांड दबाने का मन कर रहा था, पर फिर भी मैं खुल कर ऐसा नहीं कर सकता था।

मैंने धीरे-धीरे उनकी पीठ दबाना शुरू किया… फिर मैंने उनके पैर दबाये। मैं काफी देर तक दीदी के बदन की मालिश करता रहा।

फिर वो बोली- टेबल पर मालिश का तेल रखा है… क्या तुम मेरी पीठ पर तेल लगा सकते हो?(sister hardcore chudai)

अब माहौल गरम हो रहा था। मुझे भी कुछ हो रहा था, पर मैं अपनी तरफ से कोई गलती नहीं करना चाहता था।

मैंने दीदी को हाँ कहा और तेल की बोतल ले आया।

दीदी ने अपनी नाइटी उतार दी थी और अपनी पैंटी के ऊपर एक चादर डाल ली थी।

सिर्फ़ ब्रा उनकी पीठ पर टाइट थी।

जब मैंने दीदी की नंगी पीठ देखी तो मुझे हवस चढ़ने लगी।

पर फिर भी मैं चुपचाप दीदी की पीठ पर तेल लगाने लगा।

तेल लगाते समय बार-बार उनकी ब्रा बीच में आ रही थी।

वो बोली- मेरी ब्रा का हुक खोलो… फिर धीरे से मालिश करो।

मुझे खोलने का मन कर रहा था पर मैंने ऐसा नहीं किया।

उन्होंने 4 बार ब्रा खोलने के बारे में कहा- शरमाओ मत, यहाँ कोई तीसरा नहीं है। तुम हिम्मत करके मेरी ब्रा खोलो।

अब मैं समझ चुका था कि दीदी कुछ खेल खेलना चाहती थी।

मैंने ब्रा के हुक खोले और उनकी पीठ पर अच्छे से मालिश करने लगा।

बाद में दीदी ने मुझे अपने पैरों की मालिश करने को कहा।

जब मैं नीचे आया तो दीदी ने खुद ही अपने पैरों से चादर हटा दी और अपनी पैंटी में फंसी हुई गांड मुझे दिखाई।

मैंने उनकी सूजी हुई moti gand देखी और दीदी से कहा कि पैरों से लेकर जांघों तक मालिश करू।

तो दीदी बोली- हाँ, तुम जहाँ चाहो मालिश कर सकते हो, मेरा पूरा शरीर दर्द कर रहा है।

अब मैंने दीदी की टांगों पर तेल टपका कर मालिश करना शुरू कर दिया।

दीदी की टांगें बहुत चिकनी थीं… उन पर तेल की चिकनाई और भी मज़ा दे रही थी।(sister hardcore chudai)

मैंने दीदी की दोनों टाँगों को आपस में रगड़ना शुरू कर दिया।

ऐसा करते हुए मैं अपने दोनों हाथों को उनकी पिंडलियों से लेकर उनकी गांड तक सरका रहा था।

एक तरह से मैं डिप्स करते हुए अपना मुँह दीदी की गांड पर ले जा रहा था।

शुरू में मैंने कुछ नहीं किया।

लेकिन पाँच-सात बार डिप्स करते हुए मैंने अपनी ठुड्डी से उनकी गांड को रगड़ा।

दीदी ने एक बार अपना सिर घुमाया और बोली- वाह… बहुत अच्छा लग रहा है… ऐसे ही करो।

मैंने दीदी की गोरी और मोटी जांघों से लेकर उनकी गांड तक मालिश की।

दीदी ने अभी तक अपनी पैंटी नहीं उतारी थी। इस समय दीदी अपनी चूत और गांड को सिर्फ़ पैंटी की मदद से ढक रही थी।

उनकी टाँगों की मालिश करते हुए मैं उनकी गांड की हिलती हुई हरकतों का मज़ा ले रहा था।

फिर मैंने पैंटी के ऊपर से ही दीदी की गांड पर हाथ रखा और उनकी गांड की मालिश करने लगा, मैंने दीदी के मोटी गांड को खूब दबा-दबा कर मालिश की।

दीदी की गांड की मालिश करते समय उनकी पैंटी बीच में आ रही थी। उन्होंने मुझसे पैंटी भी उतारने को कहा।

मैंने कहा- दीदी, इससे आप पूरी नंगी हो जाएँगी। रहने दो, मैं ऐसे ही मालिश करूँगा।

पर वो नहीं मानी…उन्हें खुद ही नंगी होना पड़ा।

थोड़ी देर बाद दीदी ने खुद ही अपनी पैंटी उतार दी।

अब मुझे दीदी को नंगी देखकर पसीना आ रहा था।

मैंने उनके नंगी गांडदेखी और गांड के बीच में दीदी की गीली चूत देखी, मैं मदहोश हो गया।

मैं लार निगलते हुए यह सब देख रहा था।

तभी दीदी की आवाज़ आई- रुक क्यों गए… मालिश करो ना!

मैंने धीरे-धीरे दीदी की नंगी गांड की मालिश शुरू कर दी।

दीदी की टाँगें खुलने लगीं और उनकी भूरी चूत अपनी खूबसूरती बिखेरने लगी।(sister hardcore chudai)

मैं भी गर्म होने लगा और मेरा mota land अकड़ने लगा। मैं अभी भी डिप्स लगा रहा था और अपनी ठुड्डी दीदी की गांड पर रख रहा था।

ऐसे मालिश करते-करते एक समय ऐसा आया जब मेरी उंगली उनकी गांड में घुस गई।

दीदी ने बस हल्की सी आह भरी लेकिन ऐसे रिएक्ट किया जैसे उन्हें कुछ महसूस ही न हो।

मैंने आराम से अपनी उंगली उनकी गांड में अंदर-बाहर करनी शुरू कर दी। दीदी ने भी अपनी गांड थोड़ी ऊपर उठा ली थी, इसलिए मेरी उंगली उनकी गांड में अंदर-बाहर होने लगी। चिकनाई के लिए तेल अच्छा काम कर रहा था।

कुछ देर बाद जब मैं खुद पर काबू नहीं रख पाया और मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया, तो मैंने भी अपने हाफ पैंट से लंड का टोपा बाहर निकाला और उनकी गांड में डालने की कोशिश करने लगा।

जैसे ही मैंने अपना लंड का टोपा दीदी की गांड में डाला, वो कराहने लगी और बोली- तुम क्या कर रहे हो… कंडोम पहने बिना ये सब क्यों कर रहे हो?

मैंने अपना लंड बाहर निकाला और चुप हो गया।

तभी दीदी उठकर बैठ गई और अपने चूचे मेरी तरफ कर दिए। मैं दीदी के बड़े चूचे देखकर मदहोश होने लगा।

इस बीच दीदी ने मेरा लंड अपने हाथ में लिया और बोली- तुम बहुत बड़े हो गए हो… तुम एक पूरे मर्द बन गए हो।

बस इतना कहते ही दीदी नीचे झुकी और मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी।(sister hardcore chudai)

जब मेरा लंड दीदी के मुँह में गया, तो मैं कराहने लगा। मैं पहली बार किसी लड़की से अपना लंड चुसवा रहा था।

कुछ देर तक मेरा लंड चूसने के बाद मैंने उन्हें रोका- दीदी ऐसा मत करो, मैं झड़ जाऊँगा।

वो मान गई और पीठ के बल लेट गई। उन्होंने मुझसे कहा- अब तुम मेरी पीठ के साथ-साथ आगे की भी मालिश करो।

दीदी की चूत मेरे सामने खुली पड़ी थी और वो मेरा लंड भी चूस चुकी थी, इसलिए अब मुझे डर नहीं लग रहा था।

मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए और आगे बढ़कर मैंने दीदी के बड़े-बड़े चूचो को खूब मालिश किया और दोनों चूचो को एक-एक करके अपने मुँह में लेकर खूब चूसा।

उनके चूचो से दूध निकल रहा था।(sister hardcore chudai)

फिर दीदी ने सेक्सी आवाज़ में कहा- अब मेरी प्यासी चूत की भी मालिश करो।

मैंने पूछा- लंड डालकर करू या उंगली से!

दीदी हंस पड़ी और बोली- अपने मोटे लंड से मेरी चूत की मालिश कर दो.

वो उठी और अलमारी से कंडोम निकाल कर मुझे दे दिया.

मैंने कंडोम अपने लंड पर लगाया और कंडोम के ऊपर तेल लगाया.

फिर मैंने अपना लंड दीदी की चूत में डाला. जैसे ही मैंने लंड अंदर लिया, दीदी कराह उठी.

जब मैंने रोका तो वो बोली- चाहे मैं कितना भी चिल्लाऊँ, रुकना मत… आज मेरी चूत का भोसड़ा बना देना.

मैंने दीदी की चूत चोदना शुरू कर दिया.

थोड़ी देर बाद मैंने उन्हें पलट दिया और उनकी गांड भी चोदी.

दीदी की गांड बहुत टाइट थी. इसलिए लंड लेते समय दीदी को थोड़ा दर्द हुआ.

लेकिन मैंने पहले ही तेल लगा कर दीदी की गांड को ढीला कर दिया था, इसलिए गांड ने लंड ले लिया.

मैंने दीदी को खूब चोदा.

दीदी ‘आह्ह्ह्ह ऊह्ह्ह…’ करने लगी.

20 मिनट खतरनाक चुदाई करने के बाद…(sister hardcore chudai)

हम दोनों नहाने के लिए बाथरूम में चले गए. हमने नंगे ही नहाया और अपने आपको अच्छे से रगड़ा। नहाने के बाद हम दोनों नंगे ही सोने के लिए साथ में बेडरूम में चले गए।

मैंने रात को अपनी बहन को तीन बार और चोदा। मेरी बहन ने भी मेरा लंड खूब चूसा। हम दोनों को सेक्स करते करते सुबह के चार बज गए।

फिर हम दोनों एक दूसरे की बाहों में नंगे ही सो गए। हम सुबह 9 बजे उठे। मैंने दीदी से चाय बनाने को कहा। पर दूध नहीं था तो वो बोली- मेरा दूध निकाल कर चाय बना दो।

मैंने दीदी के चूचो से दूध निकालना शुरू किया। मैंने उनके दोनों निप्पलों से दूध निकाला और चाय बनाई और हम दोनों ने पी। अब जब भी जीजाजी के बाहर जाने की वजह से दीदी अकेली होती हैं तो वो मुझे बुला लेती हैं।

मैं जाकर उनके जवान बदन को चोदने का मजा लेता हूँ। अब उनके चूचो से दूध निकलना बंद हो गया है। इसलिए चाय नहीं बनती पर मुझे चुदाई में बहुत मजा आता है।(sister hardcore chudai)

अगर आप ऐसी और कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं तो आप “antarvasnaxstory.com” की कहानियां पढ़ सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Rishikesh Call Girls

This will close in 0 seconds